शिक्षकों के आगे हैंडस अप की स्थिति में विभाग

शिक्षकों के आगे हैंडस अप की स्थिति में विभाग

education-sloganप्रदेश के सरकारी शिक्षकों के आगे विभागीय अधिकारी हैंडस अप की स्थिति में हैं। ऐसा सरकार के ढुलमूल रवैए की वजह से हो रहा है।

राज्य गठन का सबसे अधिक लाभ नेताओं और सरकारी कार्मिकों को हुआ। यूपी के रहते हुए एक प्रमोशन के लिए तरसने वाले कुछ सरकारी कर्मचारी और अधिकारी 15 सालों में तीन-तीन प्रमोशन पा चुके हैं। बावजूद इसके आउटपुट सिरे से गायब है।

शिक्षा विभाग में भी ऐसा ही कुछ है। यहां आंदोलन और हड़तालों का क्रम टूटने का नाम नहीं ले रहा है। इसकी वजह सरकारों का ढुलमूल रवैया और वोटों का गणित रहा है। परिणाम शिक्षकों की जायज मांग का मूल्यांकन नहीं हो पा रहा है। जायज मांग हो हल्ले की भेंट चढ़ रही हैं तो उटपटांग मांगों को पूरा करने का भरोसा सरकार दे रही है।

सरकार संख्या बल के आधार पर निर्णय ले रही है। सरकार के इस रवैए से शिक्षा विभाग के आलाधिकारी भी शिक्षक संगठनों के सामने हैंडस अप की मुद्रा में हैं। इसका खामियाजा राज्य को कई तरह से भुगतना पड़ रहा है।

हालात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिला स्तरीय अधिकारी बेचारे बन गए हैं। तबादलों के मामले में राजकीय शिक्षक संघ की निदेशालय पर की गई तालाबंदी पर निदेशक आरके कुंवर की प्रतिक्रिया काफी कुछ बयां कर रही है।

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