कोरोना के लक्षणों की अनदेखी पड़ रही भारीःडा. मधु थपलियाल

कोरोना के लक्षणों की अनदेखी पड़ रही भारीःडा. मधु थपलियाल

वैश्विक महामारी कोरोना की पहली लहर में तमाम विशेषज्ञ इस बात पर एक राय थे कि हर बुखार, खांसी, जुखाम कोरोना नहीं होता। मगर, दूसरी लहर ने विशेषज्ञों को राय बदलने को मजबूर कर दिया। अब बुखार, खांसी, जुखाम, थकावट, डायरिया जैसे तमाम अलामातों को कोरोना का लक्षण माना जा रहा है।

कोरोना को लेकर अब तमाम नए अनुभव सामने आ रहे हैं। हाल ही में कोरोना को सजगता से मात देकर स्वस्थ हुई डा. मधु थपलियाल ने जनहित में हिन्दी न्यूज पोर्टल www.tirthchetna.com से अपने अनुभव साझा किए। पेश है उनसे हुई बातचीत के मुख्य अंश।

सवाल-बधाई, आपने कोरोना को घर पर ही मात दे दी।

जवाब- जी, धन्यवाद। अब मै पूरी तरह से स्वस्थ हूं।

सवाल- कोरोना को लेकर आपके क्या अनुभव रहे। कुछ बताइए।

जवाब- जागरूक रहिए, सुरक्षित रहिए। बुखार, खांसी, जुखाम, थकावट, डायरिया जैसे किसी भी लक्षण की अनदेखी न करें। ये कोरोना हो सकता है। आरटी पीसीआर टेस्ट कर शंका दूर जरूर करें।

कई लोगों के फोन आ रहे हैं। वो बुखार-खांसी को सामान्य फ्लू समझकर अनदेखी कर रहे हैं। ऐसा करना स्वयं और कम्यूनिटी को जोखिम में डालना है। कोई भी लक्षण है तो आइसोलेट हों, टेस्ट कराएं, कोविड प्रोटोकॉल का पालन करें और जरूरी उपचार शुरू करें। ऐसा करेंगे तो कोरोना एक सप्ताह के भीतर ही आप से हार जाएगा।

सवाल- कोरोना की पहली लहर के मुकाबले दूसरी लहर ने ज्यादा दहशत फैला दी है।

जवाब- देखिए पिछले वर्ष हर आदमी कोरोना को लेकर खासा सतर्क रहा। अक्तूबर-नवंबर 2020 से लोग कोरोना को भूलने लगे थे। स्कूल/कॉलेज खुले, बाजार से लेकर सामाजिक, धार्मिक, राजनीतिक गेदरिंग होने लगी। लोग कोरोना प्रोटोकॉल की अनदेखी करने लगे। ये लापरवाही भारी पड़ रही है।

सवाल- आप कैसे और कहां कोरोना की चपेट में आए।

जवाब- बहुत अच्छा सवाल। मै पिछले एक साल से कोरोनो प्रोटोकॉल को सत प्रतिशत फॉलो कर रही थी। कॉलेज में छात्र/छात्राओं को भी इसके लिए प्रेरित करती थी। हर कोई सुरक्षित था। कॉलेज खुले तो पढ़ाई के अलावा तमाम इत्तर कार्यक्रम होने लगे। गेदरिंग भी हुई। बाहर के लोगों का भी आना जाना हो रहा था।

इस बीच, कॉलेज में कुछ साथी पॉजिटिव हो गए। मुझे भी हल्का बुखार आया तो आरटीपीसीआर जांच कराने पर रिपोर्ट पॉजिटिव आई। परिवार को सभी सदस्यों की रिपोर्ट नेगिटिव रही।

सवाल- लोगों के लिए कोई संदेश।

जवाब- जांच से घबराएं नहीं। लक्षण महसूस होने पर जांच जरूर कराएं। पॉजिटिव आने पर घबराएं नहीं। डायट पर ध्यान रखें। गुनगुने पानी में नींबू का सेवन करें। तरल पदार्थों का इनटेक बढ़ाएं, संगीत सुने। आत्मबल बनाए रखें। कोरोना को सावधानी से घर पर ही मात दी जा सकती है।

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