डाल्फिन इंस्टीटयूट में लैंगिक समानता पर कार्यशाला

डाल्फिन इंस्टीटयूट में लैंगिक समानता पर कार्यशाला

- in देहरादून
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देहरादून। महिलाएं गरिमा के साथ आगे बढ़कर देश की तरक्की में हर स्तर पर योगदान दे रही हैं। इसी तरह से महिलाओं को अपनी भूमिका सशक्त बनानी होगी।

ये कहना है महिलाओं के हितों की सशख्त हस्ताक्षर डा. मधु थपलियाल का। डा. थपलियाल डाल्फिन इन्स्टीट्यूट ऑफ बायोमेडिकल एण्ड नेचुरल साइंसेज, के जन्तु विज्ञान विभाग के बैनर तले ‘‘सेन्सिटाइजेशन वर्कशाप ऑन, आवर लाइव्स एण्ड फ्यूचर, जेंडर इक्विलिटी इन द ऐज ऑफ कॉविड-ं19’’ कार्यशाला में बतौर मुख्य अतिथि बोल रही थी।

अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यशाला डा. मधु थपलियाल ने कहा कि महिलाओं को बेचारगी के खोल से बाहर निकलना होगा। इस दिशा में अच्छी प्रगति भी हुई है। महिलाएं गरिमा के साथ आगे बढ़कर देश की तरक्की में हर स्तर पर योगदान दे रही हैं। इसी तरह से महिलाओं को अपनी भूमिका सशक्त बनानी होगी।

कहा कि हर दौर में गरिमा के साथ आगे बढ़ी महिलाओं को समाज का साथ मिला है। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता गायनेकोलोजिस्ट डा. पल्लवी सिंह ने महिलाओं में होने वाली विभिन्न समस्याओं के बारे में विस्तार से चर्चा की तथा श्रोताओं के विभिन्न प्रश्नों के उत्तर बड़ी सरलता से दिये। एडवोकेट डा. कमला डबराल ने महिलाओं के अधिकार, उनकी सुरक्षा और विभिन्न जानकारियां जो संविधान में दी गयी है, से अवगत कराया।

कालेज प्राचार्या डा. शैलजा पंत ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। कार्यशाला की संयोजक डा. बीना जोशी भट्ट, कार्यशाला के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। डा. दीपाली राणा ने किया। अंत में डा.

शालिनी आनन्द ने कार्यक्रम में आये सभी अतिथियों, वक्ताओं, छात्र- छात्राओं का धन्यवाद किया। कार्यक्रम में डा. दीप्ति वारिको, डा. वर्षा प्रचा, डा. मंदीप कौर, डा. संध्या गोस्वामी, डा. रश्मि चमोली, डा. रिचा, डा. शालिनी अग्रवाल, डा. दिनेश कुमार भारद्वाज, डा. शिवा जौहरी, श्रीमती रमा गर्ग, डा. अभिलाषा सहरावत, नरेन्द्र, प्रकाश नेगी, शुभम उर्वशी, गंगा, सुजा आदि सैकड़ों छात्र-ंउचयछात्राएं उपस्थित रहे।

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