स्वास्थ्य कर्मियों के साथ पुलिस की बर्बरता निंदनीयः गरिमा मेहरा दसौनी

स्वास्थ्य कर्मियों के साथ पुलिस की बर्बरता निंदनीयः गरिमा मेहरा दसौनी
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देहरादून। प्रदेश की भाजपा सरकार युवा/बेरोजगारों के साथ छल कर रही है। रोजगार की मांग कर रहे युवाओं के साथ पुलिस बर्बरतापूर्ण व्यववहार कर रही है।

ये कहना है कि कांग्रेस की गढ़वाल मंडल मीडिया प्रभारी गरिमा मेहरा और प्रदेश प्रवक्ता सुजाता पॉल का। दोनों ने स्वास्थ्य कर्मियों के मामले को लेकर पार्टी मुख्यालय में मीडिया से बातचीत की।

गरिमा मेहरा दसोनी ने प्रेस वार्ता के दौरान स्वास्थ्य विभाग में चारों ओर चल रहे गोरखधंधे को उजागर किया। दसौनी ने स्वास्थ्य मंत्री से सवाल करते हुए कहा कि जब आप इन संविदा कर्मियों को स्वास्थ्य विभाग में समायोजित करने की घोषणा कर चुके हैं तो इस संबंध में लिखित शासनादेश क्यों नहीं जारी करते।

साथ ही ऋषिकेश एम्स में चल रहे करोड़ों के घोटाले और अवैध नियुक्तियों पर भी बड़ा प्रश्न चिन्ह लगाया। दसौनी ने कहा कि राज्य के संसाधनों /संस्थानों / नौकरियों पर पहला अधिकार उत्तराखंड के युवाओं का है ऐसे में आखिर किसके इशारे पर और संरक्षण में राजस्थान के 600 लोग एम्स ऋषिकेश में नियुक्त कर दिए जाते हैं । आखिर यह सब देख कर भी स्वास्थ्य मंत्री मोनी बाबा क्यों बने रहे।

कांग्रेस प्रवक्ता दसौनी ने 4ः50 करोड़ का मशीन खरीद घोटाला भी उजागर किया।दसौनी ने स्वास्थ्य मंत्री को आंकड़ों के साथ बताया कि प्रदेश में कितने नर्सिंग के कितने लैब टेक्नीशियन के कितने फार्मासिस्ट के कितने डेंटिस्ट के पद रिक्त हैं ऐसे में प्रदेश के युवाओं को धरना और कूच करने पर मजबूर क्यों किया जा रहा है? दसौनी ने शांतिप्रिय तरीके से धरना/ कूच कर रहे स्वास्थ्य कर्मियों पर पुलिस बर्बरता की भी कड़े शब्दों में निंदा की ।

कांग्रेस प्रवक्ता डा. सुजाता पॉल ने पुलिस प्रशासन की बर्बरता का आंखों देखा हाल पत्रकारों के सामने रखा। सुजाता पॉल ने कहा गर्भवती महिला को घसीटना और लात मारना क्या यही है उत्तराखंड सरकार के संस्कार ??क्या यही है भाजपा का बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान?? सुजाता पॉल ने कहा हम सबको शर्मसार होने की जरूरत है क्योंकि हमारी आंखों के सामने हमारी ही गर्भवती मातृशक्ति को पुलिस प्रशासन ने इतना अमानवीय व्यवहार किया।

एक दूसरी महिला का चार पांच पुलिसकर्मियों ने हाथ खींचा जिस वजह से वह गंभीर रूप से चोटिल हुई है। वही एक और युवक जो कि इन सभी आंदोलनरत कर्मियों के अध्यक्ष हैं उनकी इतनी पिटाई की गई है कि वह अपने पैरों में खड़े तक नही हो पा रहे हैं ।सुजाता पॉल ने स्वास्थ मंत्री धन सिंह रावत और पुष्कर सिंह धामी की संवेदनशीलता पर प्रश्नचिन्ह लगाते हुए कहा कि आखिर हमारे युवाओं के साथ अन्याय क्यों हो रहा है ??दोनों ही नेत्रियों ने शासन प्रशासन को चेताया कि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए वरना कांग्रेस पार्टी सदन से लेकर सड़क तक हल्ला बोल करने के लिए मजबूर होगी।

सुजाता पॉल ने कहा महिलाओं के बलिदानों से बने राज्य में मातृशक्ति पर पुलिस बर्बरता निंदनीय है और इसकी जवाबदेही मुख्यमंत्री की है।

Tirth Chetna

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