देहरादून। उत्तराखंड में पार्टी की संभावनाओं को कांग्रेस के दिग्गज नेता मटियामेट करने पर उतारू हो गए हैं। नेताओं के बयान से पार्टी का आम कार्यकर्ता हतोत्साहित है।
कांग्रेस उत्तराखंड में लगातार दो टर्म 2017 और 2022 से सत्ता से बाहर है। 2027 का विधानसभा चुनाव पार्टी के लिए करो या मरो की स्थिति वाला है। कांग्रेस का पार्टी हाईकमान भी इस बात को अच्छे से महसूस करता है। यही वजह है कि हाईकमान ने चुनाव के लिए टीम भी तैयार कर दी।
प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में टीम ने भाजपा सरकार पर तीखे हमले किए। पार्टी की अटैकिंग पॉलिटिक्स से कार्यकर्ताओं उत्साह का संचार देखा गया। भाजपा के दो पूर्व समेत तीन विधायक कांग्रेस में शामिल किए गए। रूड़की की पूर्व मेयर और मसूरी के पूर्व पालिकाध्यक्ष अब कांग्रेसी हो गए।
कांग्रेस इस खुशी को अभी सिलेब्रेट कर ही रही थी पार्टी के भीतर ही राजनीतिक बदहजमी शुरू हो गई। नेताओं के बयानों ने सब कुछ गुड़गोबर कर दिया। पिछले पांच दिनों में पार्टी की 2027 के लिए बनी संभावनाएं मटियामेट हो गई। इसके बाद भी दिग्गज नेताओं के एक-दूसरे को निशाना बनाते बयान कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं।
हैरानगी की बात ये है कि कांग्रेस के बंद कमरों की मीटिंग की बातें मीडिया तक पहुंच रही हैं। इसके बाद चलाए जा रहे मीडिया ट्रायल का लाभ न तो कांग्रेस के नेताओं को हो रहा है और न पार्टी को। कुल मिलाकर दिग्गज नेताओं की बयानबाजी से कार्यकर्ता हतोत्साहित हो रहे हैं।