शिक्षाः केंद्र और प्रदेश सरकार पैदा कर रही भ्रम की स्थिति

शिक्षाः केंद्र और प्रदेश सरकार पैदा कर रही भ्रम की स्थिति

teacher-tariningशिक्षकों के प्रशिक्षण को लेकर केंद्र और प्रदेश सरकार भ्रम की स्थिति पैदा कर रहे हैं। एनसीटीई की गाइड लाइन को ढाल बनाकर राज्य सरकार बीएड प्रशिक्षितों को डीएलएड करने को मजबूर कर रही है।

मानव संसाधन विकास मंत्रालय स्कूलों में तैनात हर शिक्षक को प्रशिक्षित देखना चाहती है। इसके लिए जरूरी प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है। एक अप्रैल 2019 के बाद किसी भी स्कूल में अप्रशिक्षित शिक्षक नहीं रहेगा। अब इसको लेकर भ्रम की स्थिति पैदा हो गई।

बुनियादी शिक्षा में तैनात अप्रशिक्षित शिक्षकों को डीएलएड कराने की बात तो सही है। मगर, स्कूल के बीएड उपाधि धारक शिक्षकों को भी डीएलएड करने को मजबूर किया जा रहा है। अब सरकारी प्राथमिक स्कूलों में तैनात बीएड उपाधि धारक शिक्षकों को लेकर भ्रम पैदा हो गया है।

भ्रम ये कि 15-20 सालों से पढ़ा रहे इन शिक्षकों को भी डीएलएड करना पड़ेगा। इसे एनसीटीई की गाइड लाइन बता रहे विभागीय अधिकारी इस बात पर चुप्पी साधे हुए हैं कि बीटीसी प्रशिक्षित शिक्षकों बीएड अनिवार्य एलटी में प्रमोट करना भी एनसीटीई की गाइड लाइन है।

इस तरह से कहा जा सकता है कि प्रदेश सरकार स्कूली शिक्षा में शिक्षकों को लेकर भ्रम फैला रही है।

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