बर्फबारी के बीच आदिधाम बदरीनाथ के कपाट बंद

बर्फबारी के बीच आदिधाम बदरीनाथ के कपाट बंद

बदरीनाथ। बर्फ की फुहारों के बीच आदिधाम बदरीनाथ के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए हैं। अंतिम दिन कपाट बंद होने की प्रक्रिया का हिस्सा बनने के लिए हजारों तीर्थ यात्री मौजूद थे।

रविवार शाम करीब सात बजकर 28 मिनट पर हजारों तीर्थ यात्रियों की मौजूदगी वैदिक मंत्रोच्चार के साथ बदरीनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद हो गए। अगले वर्ष कपाट कब खुलेंगे इसके लिए बसंत पंचमी के दिन नरेंद्रनगर राज दरबार में तिथि निर्धारित की जाएगी।

इस वर्ष करीब नौ लाख लोगों ने बदरीनाथ के दर्शन कर पूण्य अर्जित किया। कपाट बंद होने के मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, सांसद प्रदीप टम्टा, श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष गणेश गोदियाल, मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह, रावल ईश्वरी प्रसाद नंबुदरी, धर्माधिकारी भुवन उनियाल आदि मौजूद थे।

20 नवंबर को उधव जी, कुबेर जी और आदि गुरू शंकराचार्य की गदछी योग ध्यान मंदिर पांडुकेश्वर पहुंचेगी। उधव जी और कुबरे जी शीतकाल में पांडुकेश्र में विराजमान रहेंगे। जबकि आदि गुरू शंकराचार्य की गददी 21 को जोशीमठ के नृसिंह मंदिर पहुंचेगी। 21 नवंबर से बदरीनाथ जी की शीतकालीन पूजाएं जोशीमठ में होंगी।

 

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