श्री बदरीनाथ धाम के तीर्थ पुरोहितों का प्रशासन को एक सप्ताह का अल्टीमेटम
ड्रीम प्रोजेक्ट के नाम पर उजाड़ी जा रही बदरी पुरी
तीर्थ चेतना न्यूज
श्री बदरीनाथ। ड्रीम प्रोजेक्ट के नाम पर बेतरतीब तरीके से उजाड़ी जा रही बदरी पुरी को लेकर तीर्थ पुरोहित, हक हकूकधारी, व्यापारी आर-पार का ऐलान कर चुके हैं। पूरे मामले के समाधान प्रस्तुत करने हेतु प्रशासन को एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया गया है।
हिंदुओं की आस्था के प्रतीक आदिधाम श्री बदरीनाथ धाम में ड्रीम प्रोजेक्ट तीर्थ पुरोहित, हक हकूकधारी, व्यापारियों और श्रृद्धालुओं के लिए जी का जंजाल बन गया है। यहां चल रही बेतरतीब तोड़ाफोड़ी से धाम की फीलिंग तक को नुकसान पहुंचा है। हालांकि प्रशासन से लेकर राज्य शासन तक ऑल इज वेल गुनगुना रहे हैं।
तीर्थ पुरोहित इसे संस्थागत अन्याय बता रहे हैं। उनका आरोप है कि इस ड्रीम प्रोजेक्ट से धाम में चारों ओर अन्याय का वातावरण व्याप्त हो गया हैं जिन तीर्थ पुरोहितों के घर तोड़े गए, जिनकी दुकाने तोड़ी गई वो दर-दर भटक रहे हैं। कुछ तीर्थ पुरोहितों को दिए गए अस्थायी ठौर पर धर्मशाला संचालक कई मौकों पर तकाजा कर रहे हैं।
मास्टर प्लान के दायरे से बाहर स्थित कुबेर गली स्थित पंचभैया मोहल्ले का तो अस्तित्व ही समाप्त होने की कगार पर पहुंच गया है। जिस निर्माण कंपनी की वजह से ऐसा हुआ उस पर सिस्टम पूरी तरह से मेहरबान दिख है। न तो कंपनी से सवाल हो रहे हैं और न ही उसे किसी प्रकार का नोटिस दिया जा रहा है।
गत दिनों राज्य के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के सम्मुख भी तीर्थ पुरोहितों ने इस पूरे प्रकरण को रखा। बहरहाल, तीर्थ पुरोहितो ंने पूरे प्रकरण पर एक सप्ताह के भीतर स्थिति स्पष्ट न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। देखना है कि तीर्थ पुरोहितों के इस अल्टीमेटम को प्रशासन कितनी गंभीरता से लेता है।

