12वीं उत्तराखण्ड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी कांग्रेस शुरू

12वीं उत्तराखण्ड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी कांग्रेस शुरू

देहरादून। 12 वीं उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी कांग्रेस विज्ञान धाम में शुरू हो गई। इसमें देश भर से छह सौ से अधिक चोटी के वैज्ञानिक और शिक्षाविद्ध शिरकत कर रहे हैं।

बुधवार को प्रदेश के राज्यपाल डॉ. केके पॉल ने तीन दिवयीय विज्ञान कांग्रेस का बतौर मुख्य अतिथि शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने राज्य के लोगों को विज्ञान के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया। ताकि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी यहां की आर्थिकी उन्नति में सहायक बन सकें।

डा. पॉल ने जैविक खेती में उत्पादकता बढ़ाने व जलस्त्रोतों के रिचार्ज की तकनीक विकसित करने के लिए वैज्ञानिकों से आगे आने का आहवान किया। उन्होंने कहा कि विशेष तौर पर उत्तराखण्ड के संदर्भ में कुछ क्षेत्रों में वैज्ञानिकों को भूमिका निभानी होगी। आज भी किसानों में जैविक खेती को लेकर उतना उत्साह नहीं है।

जैविक खेती में उत्पादकता बढ़े और किसान रासायनिक उर्वरकों की बजाय जैविक खेती को अपनाने के लिए प्रेरित हों।
इस मौके पर महामहिम राज्यपाल डॉ0 पॉल ने प्रो. एचएस धामी, डॉ. बीएस तोमर, डॉ विनोद कुमार गौड़ को ‘सांइस एण्ड टैक्नोलाजी एक्सैलेंस अवार्ड’ से सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर सचिव, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग रविनाथ रमन ने मुख्य अतिथि समेत अन्य अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर यूकॉस्ट के महानिदेशक डॉ0 राजन्द्र डोभाल द्वारा धन्यवाद ज्ञापन दिया गया। उन्होंने विज्ञान कांग्रेस में आये सभी ख्याति प्राप्त वैज्ञानिकों को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह प्रादेशिक विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी कांग्रेस युवा शोधार्थियों को अपने शोध कार्यां पर वरिष्ठ वैज्ञानिकों से विचार-विमर्श करने, उन्हें बेहतर बनाने तथा नये शोध क्षेत्रों से उनका परिचय कराने व उनमें अभिरूचि उत्पन्न करने के लिए मंच प्रदान करता है ताकि वे अपने पर्वतीय क्षेत्र के निवासियों के विकास में अपना योगदान दे सकें।

 

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